पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। Strait of Hormuz से गुजरने वाले भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों को Iran ने सुरक्षित मार्ग देने की अनुमति दे दी है। यह फैसला भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसी समुद्री रास्ते से देश को कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की बड़ी मात्रा मिलती है।
जानकारी के अनुसार भारतीय टैंकर पुष्पक और परिमल सुरक्षित रूप से इस जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक United States, European Union और Israel से जुड़े जहाजों पर अभी भी कुछ प्रतिबंध लागू बताए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिहाज से Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम तेल ट्रांजिट मार्गों में गिना जाता है। अनुमान है कि वैश्विक समुद्री तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।
इस बीच भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने स्थिति को लेकर Abbas Araghchi से फोन पर बातचीत की। इसके साथ ही उन्होंने Sergey Lavrov से भी तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की, ताकि भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसी दौरान हॉर्मुज के पास Mayuri Nare नामक थाईलैंड के झंडे वाले एक कार्गो जहाज पर हमला होने की खबर भी सामने आई। यह जहाज Khalifa Port से निकलकर Kandla Port की ओर जा रहा था। इस घटना के बाद Royal Navy of Oman ने जहाज के 20 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया है, जबकि बाकी 3 को निकालने की कोशिश जारी है।
भारत ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि व्यापारिक जहाजों पर इस तरह के हमले वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद खतरनाक हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर Strait of Hormuz में तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, शिपिंग लागत और ऊर्जा कीमतों पर साफ तौर पर दिखाई दे सकता है।
फिलहाल भारतीय टैंकरों को सुरक्षित रास्ता मिलने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति को लेकर कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन क्षेत्र की स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है।