फ्लोर मिलों की मांग में सुधार आने से आटा और गेहूं बाजार में एक बार फिर तेजी का माहौल देखने को मिला। पिछले कुछ समय से कमजोर मांग के कारण दिल्ली लॉरेंस रोड पर गेहूं के भाव सीमित दायरे में चल रहे थे, लेकिन हालिया खरीद बढ़ने से बाजार में मजबूती आई और मिल क्वालिटी गेहूं के भाव बढ़कर करीब ₹2700 प्रति क्विंटल तक पहुंच गए।
देश की प्रमुख मंडियों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। दिल्ली नरेला मंडी में भाव स्थिर रहे, जबकि नजफगढ़ मंडी में हल्की कमजोरी दर्ज की गई। दूसरी ओर राजस्थान की बूंदी, उत्तर प्रदेश की तिलहर और उत्तराखंड के किच्छा बाजार में तेजी देखने को मिली। किच्छा मंडी में सबसे ज्यादा उछाल दर्ज हुआ, जहां भाव करीब ₹2690 तक पहुंच गए। जयपुर और मध्य प्रदेश के कुछ बाजारों में भाव स्थिर बने रहे।
सरकारी खरीद भी इस बार मजबूत बनी हुई है। रबी विपणन सीजन 2026-27 में एफसीआई द्वारा अब तक लगभग 296 लाख टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। पंजाब और हरियाणा खरीद में सबसे आगे हैं, जबकि मध्य प्रदेश में भी खरीद लक्ष्य बढ़ाया गया है। सरकार के गोदामों में गेहूं का स्टॉक काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका है, जिससे बाजार पर सरकार की मजबूत पकड़ बनी हुई है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारी सरकारी खरीद, सीमित ओपन मार्केट बिक्री और मौसम से प्रभावित गुणवत्ता के कारण निकट भविष्य में गेहूं और आटा बाजार में बड़ी गिरावट की संभावना कम दिखाई दे रही है। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में बाजार में ₹50 से ₹100 प्रति क्विंटल तक और सुधार देखने को मिल सकता है।