होली के पहले चना दाल और बेसन की मांग में जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिससे चना बाजार में सुधार का माहौल बन रहा है। त्योहारी खपत बढ़ने के कारण मिलर्स और स्टॉकिस्ट सक्रिय हैं, वहीं नीचे भावों पर पूछताछ भी तेज हुई है।
महाराष्ट्र सरकार ने रबी सीजन के चने की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद के लिए 1 मार्च से पंजीकरण शुरू करने की घोषणा की है। पूरे महीने पंजीयन प्रक्रिया चलेगी और 5,875 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी पर 7.61 लाख टन खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। राज्य में अब तक 7 लाख टन से अधिक चना खरीदी की तैयारी बताई जा रही है। खरीद की जिम्मेदारी National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India Ltd (नाफेड) और National Cooperative Consumers' Federation of India Ltd (एनसीसीएफ) को सौंपी गई है।
सरकारी खरीद की घोषणा से बाजार को मनोवैज्ञानिक समर्थन मिला है। कम दामों पर आवक घटने और मांग सुधरने से चने के भाव में हल्का सुधार देखा गया है। होली से पहले दाल और बेसन की खपत मजबूत रहने से आने वाले दिनों में बाजार में और तेजी की संभावना बन सकती है।
हालांकि मध्यप्रदेश की मंडियों में डालर चने की आवक लगभग 33 हजार बोरी से अधिक आंकी गई, जबकि मांग 8–10 हजार बोरी के आसपास रही। ऊंचे स्टॉक के कारण स्थानीय स्तर पर कीमतों पर दबाव भी देखा गया है। ऐसे में आगे की दिशा सरकारी खरीद की गति, त्योहार की खपत और नई आवक पर निर्भर करेगी।