बिहार और छत्तीसगढ़ में दालों की सरकारी खरीद को लेकर बड़ी प्रगति सामने आई है। सरकार द्वारा शुरू किए गए “आत्मनिर्भर दाल मिशन” के तहत बिहार में पहली बार संगठित मसूर खरीद शुरू हुई है, जिसमें पहले चरण में ही 100.4 मीट्रिक टन का आंकड़ा पार हो चुका है। वहीं छत्तीसगढ़ में MSP के तहत खरीद अभियान तेजी से विस्तार कर रहा है।
बिहार में मसूर खरीद का लक्ष्य 32,000 मीट्रिक टन रखा गया है। अभी तक 16 PACS (प्राथमिक कृषि साख समितियां) और FPOs (किसान उत्पादक संगठन) इस प्रक्रिया में शामिल हो चुके हैं, जबकि 59 किसानों ने भाग लिया है। खरीद के लिए WDRA-मान्यता प्राप्त गोदामों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जा सके।
छत्तीसगढ़ में “PM-AASHA योजना” (प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान) के तहत खरीद को E-Samyukti पोर्टल और जागरूकता अभियानों के जरिए बढ़ाया गया है। वर्तमान में 85 PACS केंद्र सक्रिय हैं और धमतरी, दुर्ग, बालोद, बलौदाबाजार, रायपुर, रायगढ़ और सारंगढ़ में खरीद जारी है। आने वाले समय में सरगुजा, कोंडागांव और कोरिया में भी विस्तार की योजना है।
छत्तीसगढ़ में NCCF (नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन) ने चना के लिए 63,325 MT और मसूर के लिए 5,360 MT का लक्ष्य रखा है। अब तक 9,032 MT चना और 7.98 MT मसूर की खरीद की जा चुकी है, जिससे 6,129 चना किसान और 28 मसूर किसान लाभान्वित हुए हैं।
वहीं NAFED (नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन) ने भी अपने नेटवर्क का विस्तार करते हुए 137 केंद्र खोले हैं। राज्य में 39,467 चना किसान और 510 मसूर किसान पंजीकृत हैं। NAFED ने अब तक 3,850 MT चना और 109 MT मसूर की खरीद की है, जिससे 2,645 चना किसान और 281 मसूर किसान लाभान्वित हुए हैं।
सरकार का कहना है कि इन प्रयासों से किसानों को बेहतर दाम, व्यापक पहुंच और खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।