मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष का असर अब वैश्विक शिपिंग और ऑस्ट्रेलिया के कृषि निर्यात पर साफ दिखने लगा है। Freight & Trade Alliance (FTA) और Australian Peak Shippers Association (APSA) के अनुसार प्रमुख शिपिंग कंपनियों ने नए ‘कॉनफ्लिक्ट’ और ‘वॉर रिस्क’ सरचार्ज लगाना शुरू कर दिया है, जिससे आयात-निर्यात लागत तेजी से बढ़ रही है।
खाड़ी क्षेत्र, Strait of Hormuz और Suez Canal जैसे अहम समुद्री मार्गों पर सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण कई कंटेनर लाइनों ने रूट बदल दिए हैं। CMA CGM ने आपातकालीन कॉन्फ्लिक्ट सरचार्ज लागू किया है, जो 20 फीट कंटेनर पर 2000 अमेरिकी डॉलर, 40 फीट पर 3000 डॉलर और रीफर कंटेनर पर 4000 डॉलर तक है। Hapag-Lloyd ने अपर/अरबियन/पर्शियन गल्फ कार्गो पर 1500 डॉलर (स्टैंडर्ड) और 3500 डॉलर (रीफर) का वॉर रिस्क सरचार्ज लगाया है, जबकि Maersk ने प्रभावित रूट्स पर इमरजेंसी कंटिन्जेंसी सरचार्ज घोषित किया है।
इन बदलावों से ट्रांजिट समय बढ़ रहा है, ईंधन लागत में इजाफा हो रहा है और शिपिंग शेड्यूल अस्थिर हो रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के लिए मध्य पूर्व ईंधन और उर्वरक का बड़ा स्रोत है, वहीं गेहूं, कैनोला, फीड जौ और दालों का निर्यात भी नियमित रूप से इस क्षेत्र में होता है। ऐसे में प्रति कंटेनर हजारों डॉलर की अतिरिक्त लागत आयातकों-निर्यातकों पर सीधा बोझ डाल रही है और सप्लाई चेन में महंगाई का दबाव बढ़ा सकती है।
संक्षेप में, मध्य पूर्व तनाव का तत्काल प्रभाव समुद्री भाड़े, ट्रांजिट समय और कृषि व्यापार लागत पर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक अनाज और उर्वरक आपूर्ति शृंखला पर अनिश्चितता बढ़ गई है।